संदेश

विकसित भारत 2025

                       Idea Title “स्वच्छ ऊर्जा से सशक्त गाँव” – ग्रामीण भारत के लिए सौर ऊर्जा आधारित समाधान समस्या का विवरण (Problem Statement): भारत के अनेक ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी नियमित बिजली आपूर्ति की समस्या बनी हुई है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएँ और छोटे उद्योगों का विकास बाधित होता है। साथ ही पारंपरिक ईंधन (कोयला, डीज़ल) के प्रयोग से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है। हमारा समाधान (Proposed Solution): हमारी टीम ने एक सौर ऊर्जा आधारित माइक्रो-ग्रिड सिस्टम का प्रस्ताव रखा है जो गाँव के घरों, स्कूलों और छोटे उद्योगों को स्वच्छ व सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराएगा। इस सिस्टम में शामिल हैं: सौर पैनल + बैटरी स्टोरेज स्मार्ट एनर्जी मीटर मोबाइल ऐप से निगरानी और बिलिंग स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण व रोजगार के अवसर यह कैसे काम करेगा: 1. गाँव में उपलब्ध खाली भूमि पर सोलर पैनल लगाए जाएँगे। 2. उत्पन्न बिजली बैटरी में संग्रहित होगी। 3. स्मार्ट मीटर से हर घर को निर्धारित मात्रा में बिजली दी जाएगी। 4. मोबाइल ऐप से उपभोक्ता अपनी खपत और बिल देख सकेग...

सर्वनिंदक महाराज जी

*एक थे सर्वनिंदक महाराज।*  *काम-धाम कुछ आता नहीं था पर निंदा गजब की करते थे।हमेशा औरों के काम में टाँग फँसाते थे*।     *अगर कोई व्यक्ति मेहनत करके सुस्ताने भी बैठता तो कहते, 'मूर्ख एक नम्बर का कामचोर है। अगर कोई काम करते हुए मिलता तो कहते, 'मूर्ख जिंदगी भर काम करते हुए मर जायेगा*।'      *कोई पूजा-पाठ में रुचि दिखाता तो कहते, 'पूजा के नाम पर देह चुरा रहा है। ये पूजा के नाम पर मस्ती करने के अलावा कुछ नहीं कर सकता।' अगर कोई व्यक्ति पूजा-पाठ नहीं करता तो कहते, 'मूर्ख नास्तिक है! भगवान से कोई मतलब ही नहीं है। मरने के बाद पक्का नर्क में जायेगा*।'      *माने निंदा के इतने पक्के खिलाड़ी बन गये कि आखिरकार नारदजी ने अपने स्वभाव अनुसार.. विष्णु जी के पास इसकी खबर पहुँचा ही दिया। विष्णु जी ने कहा 'उन्हें विष्णु लोक में भोजन पर आमंत्रित कीजिए*।'      *नारद तुरंत भगवान का न्योता लेकर सर्वनिंदक महाराज के पास पहुँचे और बिना कोई जोखिम लिए हुए उन्हें अपने साथ ही विष्णु लोक लेकर पहुँच गये कि पता नहीं कब महाराज पलटी मार दे*।      *उ...

शिक्षक को कम न आंके

*एक बार आई.आई.टी. मुंबई के 4 छात्र देर तक ताश खेलते रहे और अगले दिन की परीक्षा की तैयारी नहीं कर सके।*     *सुबह उन्हें एक युक्ति सूझी।*  *वे खुद ग्रीस, धूल और गंदगी से सने हुए थे और डीन के पास जाकर बोले... कल रात अचानक तबीयत खराब होने के कारण वह एकमित्र अस्पताल ले गए थे। और वापस आते समय उनकी कार का टायर फट गया, हॉस्टल तक पहुंचने के लिए उन्हें पूरी रात कार को धक्का लगाना पड़ा। और वे इस हालत में परीक्षा नहीं दे सकते.*  *डीन साहब को उनकी परेशानी का एहसास हुआ और उन्होंने सहानुभूति व्यक्त की और उन्हें 3 दिन का समय दिया...*  *3 दिन बाद दोबारा परीक्षा में शामिल होने का विकल्प दिया गया।*   *छात्रों ने विकल्प को सहर्ष स्वीकार किया और डीन को धन्यवाद दिया। और परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।*      *तीसरे दिन वह डीन के सामने उपस्थित हुआ। डीन ने कहा कि चूंकि यह एक _विशेष स्थिति परीक्षा_ थी, इसलिए चारों को अलग-अलग कक्षाओं में परीक्षा के लिए बैठना पड़ा।*    *उन्होंने पिछले 3 दिनों में अच्छी तैयारी की थी इसलिए सभी सहमत हुए।*  ...

विषय शिक्षकों के लिए होली की शुभकामनाएं

होली की शुभकामनाएँ सभी शिक्षकों को🔹🔶🔷◻️◼️♦️♣️♠️ 1. हिंदी शिक्षक के लिए रंग बरसे हिंदी के, छंदों की हो बौछार, व्याकरण संग व्याख्या से, शब्दों का हो प्यार। होली में हर शब्द खिले, कविता हो रसधार, हिंदी शिक्षक को प्रणाम, रंगों का उपहार। 2. अंग्रेज़ी (English) शिक्षक के लिए Colors of joy, spread far and wide, Grammar and prose, in festive tide. Happy Holi, dear teacher bright, May your lessons shine with light! 3. संस्कृत शिक्षक के लिए रंगे ते भासते सर्वे, विद्या सिता शुभायते। गुरवः पूजनीयास्तु, होली हर्षं ददातु वः। 4. गणित (Maths) शिक्षक के लिए संख्याओं के रंग सजे, सूत्रों का संसार, गणित के शिक्षक को मिले, होली का उपहार। गणनाओं में हो सफलता, हल हों सारे प्रश्न, रंगों संग हंसी बिखेरे, ये होली का जश्न! 5. भौतिकी (Physics) शिक्षक के लिए गति और बल के संग में, रंगों की हो धार, गुरुत्वाकर्षण संग उड़ें, होली के गुलाल। लहरों की संगत में, प्रकाश करे इजहार, भौतिकी शिक्षक को मिले, रंगों का उपहार। 6. रसायन (Chemistry) शिक्षक के लिए रासायनिक मिश्रण बने, रंगों का हो मेल, गुलाल की प्रतिक्रिया से, हर्ष...

शिक्षक की व्यथा

*ढोल की पोल* *व्यंग्य - कविता* --------------------- ----------------------- एक ऊर्जावान शिक्षक ने शाला में ज्वाइन किया स्कूल भवन को प्रणाम कर काम फाइन किया मन में बोले हर एक बच्चें को शिक्षित करूंगा विषम से विषम परिस्थितियों से मैं नहीं डरूंगा शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के लिए तैयार हुये तब ही प्रधान अध्यापक से नैना दो-चार हुये हेड मास्टर बोले बीआरसी से किताबें उठा लाओ और अभी गणवेश का नाप दर्जी को देकर आओ और हां कल जनशिक्षा केन्द्र पर तुम्हारी मीटींग है शिक्षक ने कहा सर! ये तो बच्चों के साथ चींटींग है एच एम ने कहा क्या तुम्हारी ऊपर तक सेंटिंग है नहीं तो तुम्हारे बाद भी यहां एक शिक्षक वेटिंग है निराश शिक्षक सायकिल उठा कर चल दिया बच्चों को कैसे पढ़ाएं किसी ने नहीं हल दिया अगले दिन जब चाॅक और डस्टर उठाया पड़ोस का एक शिक्षक दौड़ते हुये आया बोले तुम्हारा नाम बीएलओ ड्युटी में आया है जल्दी भागो एक बजे कलेक्टर में बुलाया है घबराया शिक्षक भागते-दौड़ते चला जा रहा था बीच-बीच में जनशिक्षक का भी फोन आ रहा था (जनशिक्षक ने कहा-) सभी बच्चों की मेपिंग और रजिस्ट्रेशन आज ही कर दो शाम तक डाक ब...

अपनी क्षमता को पहचाने motivational story

3️⃣1️⃣❗0️⃣5️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣4️⃣ *(((( अपनी क्षमता को पहचाने ))))* . एक गाँव में एक किसान रहता था. एक बार उसे कहीं से बाज़ का एक अंडा मिला. उसने वह अंडा मुर्गी के अंडे के साथ रख दिया. मुर्गी उस अंडे को अन्य अंडों के साथ सेने लगी. . कुछ दिनों में मुर्गी के अंडे में से चूज़े निकल आये और बाज़ के अंडे में से बाज़ का बच्चा. बाज़ का बच्चा चूज़ों के साथ पलने लगा.  . वह चूज़ों के साथ खाता-पीता, खेलता, इधर-उधर फुदकता बड़ा होने लगा. . चूज़ों के साथ रहते हुए उसे कभी अहसास ही नहीं हुआ कि वह चूज़ा नहीं बल्कि बाज़ है. वह खुद को चूजा ही समझता था और हर काम उन्हीं की तरह करता था. . जब उड़ने की बारी आई, तो अन्य चूज़ों की देखा-देखी वह भी थोड़ी ही ऊँचाई तक उड़ा और फिर वापस जमीन पर आ गया.  . उसका भी ऊँचा उड़ने का मन करता, लेकिन जब वह सबको थोड़ी ही ऊँचाई तक उड़ता देखता, तो वह भी उतनी ही ऊँचाई तक उड़ता.  . ज्यादा ऊँचा उड़ने की वह  कोशिश ही नहीं करता था. . एक दिन उसने ऊँचे आकाश में एक बाज़ को उड़ते हुए देखा. इतनी ऊँचाई पर उसने किसी पक्षी को पहली बार उड़ते हुए देखा था. उसे बड़ा अचरज हुआ.  . उसने चूजों से पूछा, “वो क...

नौ तपा स्टोरी: बुंदेलखंडी

*नौतपा से बचबे के नौ बुंदेलखंडी ठटकरम* देखो दाऊ तुम अपने आओ सो के रय हें, नोतपा लग गये हें सो ज्यादा हुसियार ने बनियो। एक प्याज़ की गठिया जेब मे धर ले हो तो छोटे बाप के ने हो जे हो !! "हमे तो घामे में कछु नई होत" के कें घर से निकर हो तो भोत बड़े बल्लम ने बन जे हो !! बड्डे, हम का के रय हें के कूलर में तनक सी बरफ़ डाल ले हो तो भोतइ मजा आ हे !! सतुआ, आम को पनो, मठा, मुरचन, दिन में दो तीन बेर सूंट दे हो तो पेट भलाई गुड़ गुडा जाए पे लू तो बिल्कुल ने लग हे !! रात में सोत टेम दो बाल्टी पानी छत पे ले जा कें उतईं सपर लिय्यो, छत जुड़ा जे हे और अपन भी !! सड़क किनारे गाड़ी रोक के दस रुपैया को बरफ वारो गन्ना को रस पी ले हो तो जायदाद ने लूट जे हे !!  ये टेम पे दो रोटी कम खे तो दुबरया हो ने, कलीदों और चीमरी के लाने सोई पेट मे जगा बनी रेन दिय्यो !!  गाडी-घोडा पे हेलमेट पेर बे की आदत तो तुमाए कक्का तक नई डार पाये, पे यदि शरम ने आय तो 50 रुपैया को एक गमछा, नई तो 20 रुप्पटी को रुमाल तो मूड़ में बांदई लिय्यो !! भरी दुफरिया में कोऊ .......... के चक्कर मे ठंडई और आइसक्रीम ने मसक दिय्यो नई तो अस्पताल के ...