कक्षा 11th अध्याय 9 PART - 4 ll हाइड्रोजन पराक्साइड की संरचना ll परहाइड्रोल ll फेंटन अभिकर्मक

प्रश्न - हाइड्रोजन पराक्साइड की संरचना को समझाइए ।
उत्तर - हाइड्रोजन पराक्साइड की संरचना - 




H2O2 में O की ऑक्सीकरण अवस्था -1 है । इसकी संरचना रेखीय है क्योंकि H-O-O-H में उपस्थित O-H बंध एक ही तल पर नहीं पाए जाते । इसमें उपस्थित O-O बंध परॉक्सी बंध कहलाता है । दोनों O-H बंधों के भिन्न तलों के मध्य गैसीय अवस्था में कोण 111.5 ° जबकि ठोस अवस्था में 94.5° का होता है । यह परिवर्तन हाइड्रोजन बंधन के कारण पाया जाता है । इसकी संरचनात्मक व्यवस्था को खुली किताब के समान माना गया है।


प्रश्न - 10 आयतन H2O2 से आप क्या समझते हो ? 
उत्तर - 10 आयतन H2O2 - H2O2 विलयन की 1ml से NTP पर जितनी ml ऑक्सीजन निकलती है । वह H2O2 विलयन की आयतन में सांद्रता कहलाती है ।





प्रश्न - 11.  हाइड्रोजन की क्षार धातुओं एवं हैलोजनों से समानताएं लिखिए ।
उत्तर - हाइड्रोजन की क्षार धातुओं से समानताएं - 
1. क्षार धातुओं के समान हाइड्रोजन परमाणु की बाह्यतम कक्षा में एक इलेक्ट्रॉन होता है ।


2. क्षार धातुओं की भांति एक इलेक्ट्रॉन खोकर हाइड्रोजन आयन बनाता है ।


3. हाइड्रोजन और क्षार धातुओं की संयोजकता एक है ।



    #हाइड्रोजन की हैलोजन से समानताएं -

1. हैलोजन की भांति निकटवर्ती अक्रिय गैस से एक इलेक्ट्रॉन कम है ।

          H = 1 , He = 2  ll  F = 9 Ne = 10

2. हाइड्रोजन का अणु हैलोजन के समान द्विपरमाणुक है ।

            H2                  F2               Cl2  
   
3. हाइड्रोजन और हैलोजन कार्बन और सिलिकॉन से संयुक्त होकर सहसंयोजक योगिक बनाते हैं।

             CH4  ,  SiH4  ,  CCl4  , SiCl4



प्रश्न - 12. H2O2 प्रति फ्लोर कहलाती है , क्यों ?
उत्तर - H2O2 क्लोरीन को HCl में अपचयित कर देता है । अतः विरंजित पदार्थ में से Cl2 की अतिरिक्त मात्रा निकालने के कारण , यह प्रतिफ्लोर कहलाता है ।



प्रश्न - 13. परहाइड्रोल से आप क्या समझते हो ।
उत्तर - परहाइड्रोल - यह हाइड्रोजन पराक्साइड का बिलयन होता है जिसका उपयोग दांत , कान , मुंह ,घाव आदि के धोने में किया जाता है जिससे जीवाणुओं का नाश हो जाता है ।




प्रश्न - 14.  H2O2 एक ऑक्सीकारक एवं अपचायक दोनों की भांति कार्य करता है  , क्यों ?
उत्तर - H2O2 अणु में ऑक्सीजन परमाणु अपने मध्यस्थ ऑक्सीकरण अवस्था - 1 में है । यह परमाणु  इलेक्ट्रॉन दे भी सकता है और इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर भी कर सकता है  । अतः H2O2 ऑक्सीकारक एवं अपचायक दोनों की भांति कार्य करता है ।



प्रश्न - 15. फेंटन अभिकर्मक क्या है ? 
उत्तर - फेंटन अभिकर्मक  - FeSO4 एवं क्षारीय H2O2 का मिश्रण फैंटन अभिकर्मक कहलाता है । इसका उपयोग सामान्यतः ऑक्सीकारक के रूप में कार्बनिक अभिक्रियाओं में किया जाता है ।


Chemistry by H.K Sir
Contact us - 7566113339

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Class 12th Chapter 7 PART 14 ll क्लोरीन के प्रमुख ऑक्सी अम्ल ll अंतर हैलोजन यौगिक ll

Class 12th Chapter 07 ll PART 01 ll 15 वे समूह के तत्वों का सामान्य परिचय एवं गुण