कक्षा 12th अध्याय 5 पृष्ठ रसायन PART - 3
उत्तर - अधिशोषक - अधिशोषक के सक्रियण का अर्थ है- अधिशोषक की अधिशोषण क्षमता । अतः अधिशोषण की सक्रियता को बढ़ाने के लिए निम्न क्रियाकलाप किए जाते हैं -
1. धात्विक अधिशोषक को यांत्रिक या रासायनिक विधि द्वारा खुरदुरा करके।
2. अधिशोषक को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ कर
3.कुछ अधिशोषकों की अधिशोषण क्षमता उच्च ताप पर गर्म करके बढ़ाई जा सकती है।
प्रश्न - अधिशोषण के अनुप्रयोग लिखिए।
उत्तर - हमारे दैनिक जीवन में अधिशोषण के अनेक उपयोग हैं उनमें से कुछ निम्नलिखित हैं -
1. गैस मास्क में - विषैली गैस जैसे कार्बन डाइऑक्साइड, मेथेन आदि को दूर करने के लिए गैस मास्क में सक्रिय चारकोल प्रयुक्त होता है जो वायुमंडल में उपस्थित विषैली गैसों को अधिशोषित कर लेते हैं।
2. शक्कर के निर्माण में - शक्कर के निर्माण में जंतु चारकोल का प्रयोग इसे रंगहीन करने में करते हैं ।
3. नमी दूर करने में - सिलिका जेल का उपयोग नमी को दूर करने में किया जाता है।
4. उत्प्रेरण में - विषमांग उत्प्रेरक प्रक्रिया में अधिशोषण प्रक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
5. क्रोमेटोग्राफी में - क्रोमैटोग्राफी द्वारा यौगिकों का शुद्धिकरण भी अधिशोषण सिद्धांत पर आधारित है।
प्रश्न - कौन सी अक्रिय गैस चारकोल की सतह पर सबसे कम मात्रा में और कौन सी गैस सबसे ज्यादा मात्रा में अधिशोषित होगी और क्यों ?
उत्तर - 1.हीलियम(He) अपने कम आणविक द्रव्यमान एवं अणुओं के बीच न्यूनतम वांडर वाल्स बल के कारण चारकोल की सतह पर सबसे कम मात्रा में अधिशोषित होगी।
2. जीनोन (Xe) अपने आणविक द्रव्यमान एवं अणुओं बीच अधिकतम वांडर वाल्स बल के कारण चारकोल की सतह पर सबसे ज्यादा अधिशोषित होगी।
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