कक्षा 12th अध्याय 5 पृष्ठ रसायन PART -4
उत्तर - उत्प्रेरक - वह पदार्थ जो अपनी उपस्थिति मात्र से किसी रासायनिक क्रिया केेेेेेे वेग को घटा या बढ़ा देता है और स्वयं क्रिया केे अंत में अपरिवर्तित रहता है, उत्प्रेरक कहलाता है तथा इस प्रकार की क्रिया उत्प्रेरण कहलाती है ।
उदाहरण - अमोनिया निर्माण की हैबर विधि में प्लेटिनम(Pt) उत्प्रेरक का कार्य करता है।
उत्प्रेरक एवं अभिकारक पदार्थों की भौतिक अवस्था के आधार पर उत्प्रेरण की क्रिया को दो भागों में वर्गीकृत किया जा सकता है -
1.समांगी उत्प्रेरण - वे रासायनिक अभिक्रियाएं जिनमें क्रिया कारक पदार्थ और उत्प्रेरक एक ही अवस्था में हो, समांगी उत्प्रेरण अभिक्रियाएं कहलाती हैं।
उदाहरण -1. सीस कक्ष विधि द्वारा सल्फ्यूरिक अम्ल के निर्माण में प्रयुक्त उत्प्रेरक एवं क्रिया कारक सभी गैसीय अवस्था में होते हैं-
2. विषमांगी उत्प्रेरण - जब क्रिया कारक पदार्थ और उत्प्रेरक की अवस्थाएं अलग-अलग हों तो ऐसे उत्प्रेरण को विषमांगी उत्प्रेरण कहते हैं।
उदाहरण 1. अमोनिया निर्माण की हैबर विधि में प्रयुक्त आयरन(Fe) चूर्ण ठोस तथा क्रिया कारक गैसीय अवस्था में है।
उत्प्रेरक के प्रकार - विशिष्टता के आधार पर उत्प्रेरक चार प्रकार के होते हैं -
1. धनात्मक उत्प्रेरक
2.ऋणात्मक उत्प्रेरक
3.स्वउत्प्रेरक
4.प्रेरित उत्प्रेरक
1. धनात्मक उत्प्रेरक - जब उत्प्रेरक रासायनिक अभिक्रिया के वेग को बढ़ाता है तो इसे धनात्मक उत्प्रेरक तथा इस प्रक्रम को धनात्मक उत्प्रेरण कहते हैं।
2.ऋणात्मक उत्प्रेरक - जब कोई उत्प्रेरक रासायनिक अभिक्रिया की गति को कम कर देता है तो उसे ऋणात्मक उत्प्रेरक तथा इस प्रक्रम को ऋणात्मक उत्प्रेरक कहते हैं।
3. स्व उत्प्रेरक - जब अभिक्रिया से उत्पन्न पदार्थ उत्प्रेरक का कार्य करने लगता है तो उसे स्व उत्प्रेरक कहते हैं तथा इस घटना को स्वउत्प्रेरण कहते हैं।
उदाहरण - अम्लीय पोटेशियम परमैग्नेट(KMnO4)की ऑक्जेलिक अम्ल(COOH) से होने वाली अभिक्रिया में पोटेशियम परमैग्नट का रंग शुरू में धीरे-धीरे गायब होता है परंतु बाद में पोटेशियम परमैग्नेट का रंग शीघ्रता से गायब होने लगता है क्योंकि अभिक्रिया में बना मैंगनीज सल्फेट(MnSO4) इस अभिक्रिया को उत्प्रेरित करने लगता है l
4. प्रेरित उत्प्रेरक - जब कोई एक रासायनिक अभिक्रिया किसी दूसरी रासायनिक अभिक्रिया के लिए उत्प्रेरक का कार्य करती है तो पहली अभिक्रिया प्रेरित उत्प्रेरक कहलाती है।
उदाहरण - सोडियम सल्फाइट को हवा में रखने पर ऑक्सीकरण हो जाता है परंतु सोडियम आर्सेनाइट वायु में ऑक्सीकृत नहीं होता है यदि सोडियम सल्फाइट और सोडियम आर्सेनाइट को मिलाकर हवा में रखें तो दोनों का ऑक्सीकरण हो जाता है यहां सोडियम आर्सेनाइट का ऑक्सीकरण ,सोडियम सल्फाइट के ऑक्सीकरण द्वारा उत्प्रेरित होता है।
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