Class 11th Chapter 15 PART 03 ll ओजोन परत ll ओजोन परत का महत्व ll
श्री कोचिंग क्लासेस बेगमगंज में आपका बहुत बहुत स्वागत है।
प्रश्न - ओजोन परत किसे कहते हैं । इसे प्रभावित करने वाले पदार्थों के नाम लिखिए ।
अथवा
ओजोन परत के क्षरण से होने वाले दुष्प्रभाव लिखिए।
उत्तर - ओजोन - हमारे वायुमंडल में समुद्र की सतह से 32 से 80 किलोमीटर तक ओजोन की एक मोटी परत पाई जाती है जिसे ओजोन परत कहते हैं ।
ओजोन परत को प्रभावित करने वाले पदार्थ क्लोरो फ्लोरो कार्बन(CFC), नाइट्रोजन के ऑक्साइड, क्लोरीन ,कार्बन टेट्राक्लोराइड आदि हैं।
ओजोन परत के क्षय के हानिकारक दुष्प्रभाव -
1. त्वचा कैंसर रक्त कैंसर जैसी भयानक बीमारियां फैलती हैं।
2. पृथ्वी के तापमान में वृद्धि हो जाती है।
3. रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है।
4. बीजों का अंकुरण एवं विकास धीमा होने लगता है।
5. पेड़ पौधों का विकास रुक जाता है।
प्रश्न - ओजोन परत का महत्व क्या है समझाइए ।
उत्तर - ओजोन परत सूर्य के प्रकाश से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों का अवशोषण कर लेती है जिससे पृथ्वी पर रहने वाले मनुष्य तथा अन्य जीवो को त्वचा कैंसर व वंशानुगत रोग नहीं होते हैं जैव कोशिका एवं डीएनए की संरचना प्रभावित नहीं होती है ।फलस्वरूप जैविक क्रिया सरलता से होती रहती हैं । अतः ओजोन हानिकारक पराबैंगनी किरणों को रोककर मनुष्य तथा अन्य जीवो की रक्षा करती है । इसलिए ओजोन परत अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रश्न - ओजोन परत का क्षय किस प्रकार होता है समझाइए।
उत्तर - ओजोन परत के विनाश के लिए क्लोरोफ्लोरोकार्बन मुख्य रूप से उत्तरदायी होते हैं ।यह यौगिक एक वातानुकूलन तथा प्रशीतन प्रणालियों में प्रयोग किए जाते हैं । यह प्रणोदक, दवाइयां ऊष्मा रोधी बोर्ड बनाने, आग बुझाने के उपकरणों में प्रयुक्त किए जाते हैं।
प्रश्न - प्रदूषण किसे कहते हैं ? प्रदूषण को मुख्य रूप से कितने वर्गों मे वर्गीकृत किया गया है ।
उत्तर - प्रदूषण - वायुमंडल में हानिकारक अवांछित पदार्थों का मिलना प्रदूषण कहलाता है।
प्रदूषण के प्रकार - प्रदूषण मुख्य रूप से निम्न प्रकार का होता है -
1. वायु प्रदूषण
2.जल प्रदूषण
3.मृदा प्रदूषण
Chemistry by H.K Sir
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