Class 11th Chapter 5 PART 8 ll वांडर वाल्स समीकरण
Class 11th ll Chapter 5 ll PART 8 ll
प्रश्न - वांडरवाल्स द्वारा आदर्श गैस समीकरण में क्या संशोधन किए गए समझाइए।
उत्तर - वांडरवाल्स द्वारा आदर्श गैस समीकरण में संशोधन -
वांडरवाल्स द्वारा आदर्श गैस समीकरण में निम्न संशोधन किए गए-
1. आयतन संशोधन - उच्च दाब पर गैस के अणुओं के स्वयं का आयतन , गैस के आयतन की तुलना में नगण्य नहीं होता है । अतः गैस का वास्तविक आयतन कम होगा अतः
गैस का वास्तविक आयतन = (v-b)
यहां b = गैस के अणुओं के स्वयं का आयतन है।
2. दब संशोधन - उच्च दाब तथा निम्न ताप पर गैस का आयतन बहुत कम हो जाता है । और अणु एक-दूसरे के पास-पास आ जाते हैं । इस अवस्था में अणुओं के मध्य आकर्षण बल बढ़ जाता है । तथा इसे नगण्य नहीं मान सकते हैं । अतः
गैस का वास्तविक दाब = प्रेक्षित दाब + संशोधित दाब
या
गैस का वास्तविक दाब = (P + a/v२)
यहां - a = एक स्थान है जिसे आकर्षण गुणांक कहते हैं ।
आदर्श गैस समीकरण PV= RT में उपयुक्त दोनों संशोधन करने पर -
(P + a/v२).(v-b) = RT ----(1)
समीकरण एक वांडरवाल्स समीकरण कहलाती है । जो गैस के एक मोल के लिए लागू होती है ।
यदि गैस के मोलो की संख्या n हो तो -
(P + n२a/v२).(v-nb) = nRT
प्रश्न - वांडर वाल्स समीकरण को समझाइए ।
उत्तर - वांडर वाल्स समीकरण - अंतरा आणविक आकर्षण एवं अणुओं द्वारा घेरे गए आयतन के नगण्य मानने की अवधारणाओं को दूर करने के लिए जॉनसन एवं वांडर वाल्स ने एक नया समीकरण प्रस्तुत किया ,जिसे वांडर वाल्स समीकरण कहते हैं ।
यह समीकरण निम्न है -
*(P + n२a/v२).(v-nb) = nRT*
यहां -
P = गैस का दाब
V = गैस का आयतन
n = गैस के अणुओं की संख्या
R = गैस स्थिरांक
T = परम ताप
a = आकर्षण गुणांक
b = गैस के अणुओं का स्वयं का आयतन
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