Class 12th Chapter 15 PART 4 ll प्रोटीन का विकृतिकरण ll पेप्टाइड बंध ll
Class 12th Chapter 15 PART 4 ll प्रोटीन का विकृतिकरण ll पेप्टाइड बंध ll
प्रश्न - अल्फा एमीनो अम्ल तथा प्रोटीन में अंतर लिखिए ।
उत्तर - 1.अल्फा एमीनो अम्ल पॉलिपेप्टाइडों के एकलक हैं , जबकि प्रोटीन पॉलिपेप्टाइड हैं।
2.अल्फा अमीनो अम्ल रंगहीन क्रिस्टलीय पदार्थ हैं, जबकि प्रोटीन रंगहीन एवं अक्रिस्टलीय पदार्थ होते हैं ।
3. यह सरल कार्बनिक योगिक हैं ,जबकि प्रोटीन जटिल कार्बनिक योगिक हैं ।
प्रश्न - प्रोटीन के विकृतिकरण से आप क्या समझते हो ? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर - प्रोटीन के विकृतिकरण - प्रोटीन के मूल स्वरूप को नष्ट करना ही प्रोटीन का विकृतिकरण कहलाता है । प्रोटीन को जब गर्म किया जाता है, या अम्ल क्षार या लवण आदि से अभिकृत किया जाता है । तब इनकी जैविक क्रियाशीलता नष्ट हो जाती है, और यह स्कंदित हो जाते हैं । इस क्रिया को प्रोटीन का विकृतिकरण कहते हैं ।
उदाहरण - जब अंडे को उबलते पानी में कुछ समय के लिए रखा जाता है तब अंडे की प्रोटीन रबर के समान अविलेय ठोस में जम जाती है ।
प्रश्न - अंडे को उबालने पर उसमें उपस्थित जल कहां चला जाता है ?
उत्तर - जब अंडे को उबाला जाता है तब प्रोटीन के विकृति करण तथा स्कंदन संभवतः हाइड्रोजन बंध के द्वारा होता है । अंडे में उपस्थित जल अवशोषित हो जाता है या विकृतिकरण के दौरान अवशोषित या विलुप्त हो जाता है । इस क्रिया में गोलाकार प्रोटीन ,घुलनशील रेशेदार प्रोटीन में परिवर्तित हो जाते हैं।
प्रश्न - पेप्टाइड बंध किसे कहते हैं समझाइए ।
उत्तर - पेप्टाइड बंध - जब किसी योगिक के कार्बॉक्सीलिक समूह(-COOH), दूसरे योगिक के एमिनो समूह(NH2) के साथ क्रिया करता है, तो पेप्टाइड बंध का निर्माण होता है । और जो उत्पाद बनता है, उसे एमाइड कहते हैं ।इसमें रासायनिक रूप से क्रियात्मक भाग -CONH2 होता है ।
समीकरण -
प्रश्न - पौधों में कार्बोहाइड्रेटों के दो मुख्य कार्यों को लिखिए।
उत्तर - पौधों में कार्बोहाइड्रेट के दो मुख्य कार्य निम्न है -
1. सेल्यूलोज प्रमुखतः पादप कोशिकाओं की कोशिका भित्ति बनाते हैं।
2.स्टार्च पौधों में संग्रहित मुख्य पॉलिसैकेराइड है ।स्टार्च बीजों में जमा होता है, जब तक कि वह अपना भोजन प्रकाश संश्लेषण द्वारा स्वतः नहीं बना लेते ,तब तक उन्हें खाद्य पदार्थ प्रदान करते हैं।
प्रश्न - ग्लाइकोसाइड बंध से आप क्या समझते हैं ।
उत्तर - ग्लाइकोसाइड बंध - ऑक्सीजन लिंकेज जिसके द्वारा दो मोनोसैकेराइड इकाई जल के एक अणु को निष्कासित कर डाइसैकेराइड का एक अणु बनाते हैं । यह ग्लाइकोसिडिक लिंकेज या ग्लाइकोसाइड एक बंध कहलाते हैं ।
उदाहरण के लिए - सुक्रोज, अल्फा ग्लूकोज के C1 तथा बीटा फ्रक्टोज के C2 में ग्लाइकोसिडिक बंध द्वारा बनते हैं।
प्रश्न - ग्लाइकोजन क्या है । तथा यह स्टार्च से किस प्रकार भिन्न है ?
उत्तर - 1. कार्बोहाइड्रेट जंतुओं के शरीर में ग्लाइकोजन के रूप में संग्रहित होते हैं। यह यकृत, मांसपेशियों तथा मस्तिष्क में उपस्थित होते हैं । एंजाइम, ग्लाइकोजन को ग्लूकोस में तोड़ता है जब शरीर को ग्लूकोस की आवश्यकता होती है।
2. ग्लाइकोजन एमाइलॉपेक्टिन(स्टार्च) की तुलना में ज्यादा शाखित होता है । ग्लाइकोजन श्रंखला 10-14 ग्लूकोज इकाइयों से बनी होती है, जबकि एमाइलॉपेक्टिन 20-25 ग्लूकोस इकाइयों से बनी होती है।
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