Class 12th Chapter 5 PART 15 ll पायसीकारक ll विपायसीकारक ll तार्किक प्रश्न ll कोलॉयड रसायन के अनुप्रयोग
Class 12th Chapter 5 PART 15
Shri Coaching Classes Begamganj
Chemistry by H.K Sir
प्रश्न - पायसी कारक किसे कहते हैं ? उदाहरण दीजिए।
उत्तर - पायसीकारक - पायस को स्थायित्व प्रदान करने के लिए इसमें कोई अन्य पदार्थ मिला दिया जाता है ,जिसे पायसीकारक कहते हैं।
उदाहरण - 1.साबुन और अपमार्जक सबसे अधिक प्रयुक्त होने वाले पायसीकारक हैं ।
नोट - विपायसीकारक - पायस को उसके घटक द्रवों में अपघटित होने के प्रक्रम को विपायसीकरण कहते हैं ।
पायस के अनुप्रयोग -
1. धातु कर्म में झाग प्लवन विधि द्वारा एस्कों का सांद्रण पायसीकरण के सिद्धांत पर आधारित है।
2. छोटी आंत द्वारा वसा का पाचन भी पायसीकरण प्रक्रिया पर निर्भर है।
3.साबुन और अपमार्जक की स्वच्छीकारक क्रिया भी पायसीकारक सिद्धांत पर कार्य करती है।
प्रश्न - दूध में खट्टा पदार्थ में लाने पर दूध फट जाता है, क्यों ?
उत्तर - दूध में खट्टा पदार्थ मिलाने पर दूध फट जाता है क्योंकि दूध में उपस्थित वसा के कोलॉयडी कण आवेशित होते हैं जो खट्टे पदार्थ में उपस्थित विद्युत अपघट्य के प्रभाव से स्कंदित हो जाते हैं ।
प्रश्न - कोट्रेल अवक्षेपक क्या है ?
उत्तर - कोट्रेल अवक्षेपक - कारखानों से निकलने वाले धुएं व धूल से वायुमंडल को बचाने के लिए का कोट्रेल अवक्षेपक कारखानों की चिमनियों में लगाए जाते हैं। यह धुएं में उपस्थित हानिकारक पदार्थों को अवक्षेपित कर देते हैं जिससे हानिरहित धुआं वायुमंडल में पहुंचता है ।कोट्रेल अवक्षेपक विद्युत कण संचलन की क्रिया विधि पर कार्य करता है इसमें दो आवेशित प्लेट लगी होती हैं ।
प्रश्न - आकाश नीला दिखाई देता है क्यों ।
उत्तर - आकाश में धूल तथा जल के कण निलंबित रहते हैं जो नीले रंग के प्रकाश का प्रकीर्णन करते हैं इससे आकाश नीला दिखाई देता है।
प्रश्न - फिटकरी पानी का शोधन कैसे करती है ?
उत्तर - पानी में अशुद्धियां (कोलाइडी कण) उपस्थित रहते हैं ।फिटकरी मिलाने पर फिटकरी के कण पानी में उपस्थित अशुद्धि के कणों को उदासीन कर देते हैं ,जिससे अशुद्धि अवक्षेपित होकर नीचे बैठ जाती है ।
प्रश्न - दाढ़ी बनाते समय ब्लेड से कट जाने पर होने वाला रक्त स्त्राव फिटकरी लगाने पर बंद हो जाता है क्यों ?
उत्तर - रक्त में ऋण आवेशित कोलाइडी कण होते हैं। जब रक्त स्त्राव वाले स्थान पर फिटकरी(एलम)लगाई जाती है तो फिटकरी में उपस्थित एल्यूमीनियम आयन रक्त के इन ऋण आवेशित कणों को स्कंदित कर रक्त का थक्का बना देता है जिससे रक्त का बहना बंद हो जाता है।
प्रश्न - कटे हुए स्थान पर बहते हुए रक्त को रोकने के लिए फिटकरी या फेरिक क्लोराइड का उपयोग किया जाता है ,क्यों ?
उत्तर - रक्त एक कोलाइडी विलयन है जिसमें उपस्थित कोलॉइडी कण आवेशित होते हैं। कटे हुए स्थान से बहने वाले रक्त पर फिटकरी या फेरिक क्लोराइड लगाने पर इनमें उपस्थित आयन रक्त में उपस्थित कोलाइडी कणों को उदासीन कर अवक्षेपित कर देते हैं । जिससे रक्त का स्कंदन हो जाता है अर्थात थक्का जम जाता है और रक्त का बहना बंद हो जाता है।
प्रश्न - अधिकतर औषधियां कोलाइडी अवस्था में बनाई जाती हैं, क्यों ?
उत्तर - औषधियों के कोलाइडी अवस्था में होने से शरीर द्वारा इनका स्वांगीकरण (अधिशोषण) सरलता से होता है । इसी कारण औषधियां कोलाइडी अवस्था में बनाई जाती हैं।
कोलाइडी अवस्था में बनाई गई कुछ औषधियों के नाम निम्न है -
ऑर्जीनाल, कोलाइडी सल्फर, प्रोटरगाल आदि ।
प्रश्न - समुद्री जल व नदी के जल के मुहाने पर डेल्टा बन जाता है, क्यों ?
उत्तर - समुद्र के जल में विद्युत अपघट्य जैसे- सोडियम क्लोराइड (NaCl), पोटेशियम क्लोराइड(KCl) आदि पाए जाते हैं तथा नदी के जल में उपस्थित धूल एवं अशुद्धि के कण कोलॉयडी कण का कार्य करते हैं । जिस स्थान पर समुद्र व नदी का जल मिलता है उस स्थान पर समुद्री जल में उपस्थित विद्युत अपघट्य ,नदी के जल में उपस्थित अशुद्धि कोलाइडी कणों को अवक्षेपित कर देते हैं। जिससे इनके मिलने के स्थान पर डेल्टा बन जाता है।
प्रश्न - जोरप्शन किसे कहते हैं ।
उत्तर - जोरप्शन - अधिशोषण एवं अवशोषण की मिश्रित घटना जोरोप्शन कहलाती है।
उदाहरण - जब जल के संपर्क में रखे हुए चारकोल में अमोनिया गैस प्रवाहित की जाती है तब चारकोल की सतह का अधिशोषण तथा अमोनिया गैस का सतह व स्थूल द्वारा अवशोषण होता है ।
प्रश्न - कोलाइडी रसायन के अनुप्रयोग लिखिए ।
उत्तर - कोलाइडी रसायन के अनुप्रयोग -
1. जल के मृदु करण में
2. औषधियों के निर्माण में
3. रक्त का थक्का जमाने में
4. धुएं के अवक्षेपण में
5. चर्म शोधन में
6. फोटोग्राफी में
7. सावन की स्वच्छीकारक क्रिया में
*CHEMISTRY by H.K Sir*
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