Class 11th Chapter 6 PART 6 ll qp = qv + nRT ll Cp = qp/∆T ll Cv = qv/∆T
Class 11th Chapter 6 PART 6 ll
ll qp = qv + nRT ll
ll Cp = qp/∆T ll
ll Cv = qv/∆T ll
ll Cp - Cv = R ll
प्रश्न - सिद्ध कीजिए कि qp = qv + nRT
अथवा
स्थिर दाब एवं स्थिर आयतन पर अभिक्रिया ऊष्माओं में संबंध लिखिए।
उत्तर - एंथैल्पी की परिभाषा से -
∆H = ∆U + P∆V -----(१)
चूंकि ∆H = qp , ∆U = qv
अनुमानों को समीकरण एक में रखने पर -
qp = qv + P∆V -------(२)
माना कि प्रारंभ में किसी आदर्श गैस के n1 मोल थे और अभिक्रिया के पश्चात अंतिम मोल n2 हैं। तब आदर्श गैस समीकरण से -
Pv1 = n1RT
Pv2 = n2RT
P (V2-V1) = (n2-n1)RT
P∆V = ∆nRT
समीकरण (२) में P∆V का मान रखने पर -
qp = qv + ∆nRT
प्रश्न - ऊष्मा धारिता किसे कहते हैं स्थिर दाब एवं स्थिर आयतन पर ऊष्मा धारिता को समझाइए।
उत्तर - ऊष्मा धारिता (Heat capacity) - किसी ने निकाय का ताप 1° C बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा की मात्रा को उस्मा धारिता कहते हैं, और इसे C प्रदर्शित करते हैं ।
यदि निकाय को ऊष्मा की q मात्रा दी जाए तो ताप में परिवर्तन ∆T हो जाता है, तब ऊष्मा धारिता को निम्न प्रकार से व्यक्त कर सकते हैं -
C = q/∆T
C = निकाय की ऊष्माधारिता
q = निकाय को दी गई ऊष्मा
∆T = निकाय के ताप में परिवर्तन
स्थिर दाब पर ऊष्माधारिता(Cp) - स्थिर ताप पर किसी ने निकाय का ताप 1 डिग्री सेल्सियस बढ़ाने के लिए जितनी ऊष्मा की आवश्यकता होती है ,उसे उस निकाय की स्थिर दाब पर ऊष्मा धारिता कहते हैं, और इसे Cp से प्रदर्शित करते हैं ।
इसे सूत्र रूप में निम्न प्रकार से व्यक्त करते हैं -
Cp = qp/∆T
qp = ∆H
Cp = ∆H/∆T
स्थिर आयतन पर ऊष्माधारिता(Cv) - स्थिर आयतन पर किसी निकाय का ताप 1°C बढ़ाने के लिए जितनी ऊष्मा की आवश्यकता होती है ,उसे उस निकाय की स्थिर आयतन पर ऊष्मा धारिता कहते हैं, और इसे Cv से प्रदर्शित करते हैं ।
इसे सूत्र रूप में निम्न प्रकार से व्यक्त करते हैं -
Cv = qv/∆T
चूंकि qv = ∆U
Cv = ∆U/∆T
प्रश्न - सिद्ध कीजिए कि - Cp - Cv = R
अथवा
Cp तथा Cv में संबंध लिखिए।
अथवा
स्थिर दाब एवं स्थिर आयतन पर ऊष्मा धारिता में संबंध लिखिए।
उत्तर - Cp तथा Cv में संबंध - एंथैल्पी परिवर्तन की परिभाषा से -
∆H = ∆U + P∆V ---(१)
यदि दाल स्थिर हो तो आदर्श गैस समीकरण से -
P∆V = ∆nRT -----(२)
समीकरण (१) में P∆V का मान रखने पर -
∆H = ∆U + ∆nRT ----(३)
समीकरण (३) में ∆T से भाग देने पर -
∆H/∆T = ∆U/∆T + ∆nRT/∆T -----(४)
चूंकि Cp = ∆H/∆T , Cv = ∆U/∆T
Cp - Cv + ∆nR
यदि ∆n = 1 हो तो -
Cp = Cv + R
Cp - Cv = R -----(५)
समीकरण (५) Cp तथा Cv में संबंध दर्शाता है, इसे मेयर संबंध भी कहते हैं।
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