Class 12th Chapter 7 PART 2 ll कारण स्पष्ट कीजिए
Class 12th Chapter 7 PART 2 ll कारण स्पष्ट कीजिए
प्रश्न - नाइट्रोजन कमरे के ताप पर कम क्रियाशील क्यों है?
उत्तर - नाइट्रोजन में आवंध एंथैल्पी उच्च होती है । ऐसा Pπ - Pπ आबंध के कारण है अतः N2 कम क्रियाशील है । यह केवल उच्च ताप पर क्रियाशील होता है।
प्रश्न - नाइट्रोजन की क्रियाशीलता फास्फोरस से भिन्न क्यों है ?
उत्तर - नाइट्रोजन द्विपरमाणुक में पाया जाता है । नाइट्रोजन के दो परमाणुओं के बीच त्रिबन्ध की उपस्थिति के कारण इसकी बंध वियोजन ऊर्जा अधिक है। इस प्रकार नाइट्रोजन अपने तत्व रूप में अक्रिय है।
इसके विपरीत फास्फोरस P4 अणु से बना है क्योंकि N2 त्रिबन्ध की अपेक्षा फास्फोरस (P-P) एकल बंध काफी दुर्बल होता है । अतः फास्फोरस, नाइट्रोजन की अपेक्षा बहुत अधिक क्रियाशील है।
प्रश्न - अमोनिया क्षारकीय हैं, जबकि विस्मिथ हाइड्राइड केवल दुर्बल क्षारक है, क्यों ?
उत्तर - NH3 और BiH3 में केंद्रीय परमाणु पर इलेक्ट्रॉन युग्म उपस्थित होता है ।जिस कारण से लुईस क्षार की भांति व्यवहार करते हैं ।NH3 से BiH3 तक क्षारीय गुण कम होता है, क्योंकि परमाणु आकार बढ़ने से इलेक्ट्रॉन घनत्व कम होता जाता है ।अतः इलेक्ट्रॉन युग्म त्यागने की प्रवृत्ति कम होती है। इसलिए क्षारीय गुण घटता है।
प्रश्न - नाइट्रोजन द्वि परमाणु अणु के रूप में पाया जाता है तथा फास्फोरस चतुष्फलकीय(P4) रूप में क्यों?
उत्तर - नाइट्रोजन का छोटा आकार होता है तथा विद्युत ऋणात्मकता प्रबल है जिससे P π -P π बंध बनाता है। अतः नाइट्रोजन अपने ही परमाणु के साथ त्रिबन्ध बनाता है । फास्फोरस परमाणु का आकार बड़ा है तथा नाइट्रोजन की तुलना में विद्युत ऋणात्मकता कम है। अतः P π -P π बंध बनाने की क्षमता कम है। इसलिए फास्फोरस व फास्फोरस परमाणु के मध्य एकल बंध बनते हैं ।अतः P4 के रूप में होता है।
प्रश्न - अपने समूह में अमोनिया का क्वथनांक सर्वाधिक होता है , क्यों?
उत्तर - अमोनिया का क्वथनांक सर्वाधिक होता है इसका कारण यह है कि इसमें हाइड्रोजन बंध बनाने की क्षमता होती है। जिससे इसके अणु परस्पर हाइड्रोजन बंध द्वारा संगुणित रहते हैं। फलस्वरुप इस बंध को तोड़ने के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
जबकि फास्फीन से बिस्मथीन की ओर क्वथनांक का मान बढ़ता है। इसका कारण इनके आणविक द्रव्यमान में वृद्धि का होना है।
प्रश्न - NO2 द्वितीयकृत क्यों होती है ?
उत्तर - NO2 में संयोजकता इलेक्ट्रॉन विषम संख्या में होते हैं । द्वितीयकृत होने पर यह स्थाई N2O4 अणु में परिवर्तित हो जाती है । जिसमें इलेक्ट्रॉनों की संख्या सम होती है
प्रश्न - नाइट्रोजन परिवार के हाइड्राइड का वर्णन निम्न बिंदुओं के आधार पर कीजिए -
1. नाम व सूत्र 2.क्षारीय गुण 3.अपचायक गुण
4. तापीय स्थायित्व 5. सहसंयोजक गुण 6. बंध कोण
1. नाम व सूत्र -
नाम - अमोनिया l फॉस्फीन l आर्सीन l स्टबीन l बिस्मथीन
सूत्र - NH3 PH3 AsH3 SbH3 BiH3
2. क्षारीय गुण - वर्ग में ऊपर से नीचे की ओर जाने पर क्षारीय गुण घटता है।
NH3 PH3 AsH3 SbH3 BiH3
3. अपचायक गुण - NH3 से BiH3 की ओर हाइड्राइ डों का अपचायक गुण बढ़ता है।
NH3 PH3 AsH3 SbH3 BiH3
4.. सहसंयोजक गुण - हाइड्राइडो में NH3 से BiH3 की ओर सह संयोजक गुण बढता है।
NH3 PH3 AsH3 SbH3 BiH3
5. तापीय स्थायित्व - हाइड्राइडों का तापीय स्थायित्व NH3 से BiH3 की ओर घटता है।
NH3 PH3 AsH3 SbH3 BiH3
6. बंध कोण - NH3 से BiH3 की ओर बंध कोण का मान कम होता जाता है।
NH3 PH3 AsH3 SbH3 BiH3
7. क्वथनांक - हाइड्राइडों में अमोनिया का क्वथनांक सर्वाधिक होता है तथा फास्फीन से बिस्मथीन की ओर क्वथनांक बढ़ता है।
NH3 PH3 AsH3 SbH3 BiH3
8. प्रकृति - अमोनिया को छोड़कर शेष सभी हाइड्राइड विषैली प्रकृति के होते हैं।
NH3 PH3 AsH3 SbH3 BiH3
9. भौतिक अवस्था - अमोनिया द्रव अवस्था में जबकि शेष सभी हाइड्राइड गैस अवस्था में होते हैं ।
NH3 PH3 AsH3 SbH3 BiH3
10. बाष्प शीलता - हाइड्राइडो में अमोनिया सबसे कम वाष्पशील होता है तथा फास्फीन से बिस्मथीन की ओर बाष्पशीलता घटती है।
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