कक्षा 12th अध्याय 8 PART - 9 ll d - ब्लाॅक and f ब्लॉक के तत्वों में अंतर ll लैंथेनाइड एवं एक्टिनाइड में अंतर

प्रश्न - d एवं f - ब्लॉक के तत्व में अंतर लिखिए ।
उत्तर - 



प्रश्न - लैंथेनाइड एवं एक्टिनाइड में अंतर लिखिए ।
उत्तर - 




प्रश्न - एक्टिनाइड किसे कहते हैं ? इनका सामान्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास दीजिए एवं उनके द्वारा प्रदर्शित ऑक्सीकरण अवस्थाओं का उल्लेख कीजिए ।
उत्तर - एक्टिनाइड - एक्टिनियम(Ac-89) से लौरेंशियम (Lr-103) तक के तत्वों को एक्टिनाइड कहते हैं तथा एक्टिनियम का बाह्यतम इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 5f0 , 6d1 , 7s2 होता है । इसके बाद के 14 तत्व में क्रमानुसार 14 इलेक्ट्रॉन रिक्त 5f ऑर्बिटल में भरते हैं । क्योंकि इन तत्वों के बाह्यतम और उपांतिम कोशो में इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान रहती है । इसलिए सभी एक्टिनाइड एक दूसरे से गुणों में बहुत समानता रखते हैं । 

इलेक्ट्रॉनिक विन्यास - एक्टिनियम का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास [ Rn ] 6d1 , 7s2 है । थोरियम(90) से आगे 5f उपकोश क्रम से पूरित होता है । 5f तथा 6d की उर्जा समान होती है , इसलिए 5f और 6d उपकोशों के पूर्ण होने के क्रम में संदेह है । 
उदाहरणार्थ - यह निश्चितता से नहीं कहा जा सकता कि थोरियम में कोई 5f है या नहीं । इसकी दो संभावनायें हैं , जैसे [ Rn ] 5f0 , 6d2 , 7s2 अथवा [ Rn ] 5f1 , 6d1 , 7s2


ऑक्सीकरण अवस्था - एक्टिनाइडों की ऑक्सीकरण अवस्था +3 होती है । इसके अतिरिक्त यह है +2 , +4 , +5 और +6 ऑक्सीकरण अवस्था भी प्रकट करते हैं । लैंथेनाइडों की अपेक्षा एक्टिनाइड श्रेणी के प्रारंभ के प्रत्येक सदस्यों की अनेक ऑक्सीकरण अवस्थाएं होती हैं । इनमें से कुछ तत्व संक्रमण श्रेणी के तत्वों से अधिक समानता प्रदर्शित करते हैं । जैसे - Th +4 ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करता है और उसका व्यवहार चतुर्थ समूह के तत्वों के समान होता है । 
इसी प्रकार यूरेनियम +6 ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करता है और यह बहुत से गुणों में षष्टम समूह के तत्वों से मिलता जुलता है । परमाणु क्रमांक वृद्धि के साथ एक्टिनाइडों में +3 ऑक्सीकरण अवस्था अधिक से अधिक स्थाई होती जाती है ।  



प्रश्न - लैंथेनाइड एवं एक्टिनाइड में समानताएं लिखिए ।
उत्तर - लैंथेनाइड एवं एक्टिनाइड में समानताएं - 
1. दोनों f - ब्लॉक तत्वों के सदस्य हैं ।
दोनों अपने ही श्रेणी के सदस्यों से गुणों में समानता प्रदर्शित करते हैं ।

2. दोनों की सामान्य एवं सर्वाधिक स्थाई ऑक्सीकरण अवस्था 3 है ।

3. दोनों बहुत क्रियाशील एवं विद्युत धनात्मक प्रकृति के होते हैं ।

4. दोनों के सदस्य अनुचुंबकीय प्रकृति के होते हैं ।

5. दोनों आंतर संक्रमण तत्व कहलाते है ।


प्रश्न - एक्टिनाइड के उपयोग लिखिए ।
उत्तर - एक्टिनाइड के उपयोग - 
1. थोरियम , यूरेनियम एवं प्लूटोनियम नाभिकीय रिएक्टर में ईंधन के रूप में बहुत उपयोगी होते हैं।

2. थोरियम ऑक्साइड का उपयोग गैस मंडल बनाने में किया जाता है ।

3. थोरियम लवण का उपयोग चिकित्सा में कैंसर के उपचार में किया जाता है ।

4. यूरेनियम एवं इसके लवण का उपयोग कांच उद्योग वस्त्र एवं सिरेमिक उद्योग में किया जाता है ।

5. प्लूटोनियम का उपयोग परमाणु बम बनाने में तथा परमाणु भट्टी में ईंधन के रूप में भी किया जाता है ।



प्रश्न - भारी लैंथेनाइड , इट्रियम अर्थ क्यों कहलाते हैं ?
उत्तर - भारी लैंथेनाइड , इट्रियम प्राकृतिक खनिजों में साथ - साथ पाए जाते हैं व गुणों में समानता रखते हैं ।


प्रश्न - Pd , Pt , Os , Or , Ru व Rh प्लेटिनम तत्व कहलाते हैं , क्यों ?
उत्तर - सभी प्लेटिनम के समान गुण रखते हैं , इसलिए प्लेटिनम तत्व कहलाते हैं ।


प्रश्न - लैंथेनाइड d - ब्लॉक का तत्व है फिर भी d - ब्लॉक तत्व लेंथेनम के नाम पर लैंथेनाइड कहलाते हैं , क्यों ?
उत्तर - इनके गुण लैंथेनाइड तत्वों से बहुत अधिक समानता रखते हैं , इसलिए लैंथेनाइड कहलाते हैं ।


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