संदेश

2. जीव जगत का वर्गीकरण

प्रश्न 5. : पादपों के कोई पाँच रोगजनक जीवाणुओं एवं उनसे होने वाले रोगों के नाम लिखिए। उत्तर:      जीवाणु          –     पादप रोग जैन्थोमोनास साइट्री – नीबू का कैंकर जैन्थोमोनास ओराइजी – ब्लाइट ऑफ राइस जैन्थोमोनास फैसीओलाई – बीन ब्लाइट स्यूडोमोनास सोलेनेसीरम – आलू का शिथिल रोग स्ट्रेप्टोमाइसिस स्कैबीज – पोटैटो स्कैब। प्र : मनुष्य के कोई पाँच रोगजनक जीवाणुओं एवं उनसे होने वाले रोगों के नाम लिखिए। उत्तर: मनुष्य के रोगजनक जीवाणु              जीवाणु            –        मानव रोग कॉरिनेबैक्टीरियम डिफ्थेरी – डिफ्थीरिया विब्रियो कॉलेरी – कॉलेरा माइकोबैक्टीरियमलैप्री – कुष्ठ रोग क्लॉस्ट्रिडियम टिटैनी – टिटेनस साल्मोनेला टाइफी – टायफाइड। प्र. किन्हीं दो नाइट्रोजन स्थिरीकारक जीवाणुओं के नाम दीजिये। उत्तर : दो नाइट्रोजन स्थिरीकारक जीवाणुओं के नाम हैं – एजोटोबैक्टर क्लॉस्ट्रिडियम। प्रश्न 6. निम्नलिखित के एक-एक उदाहरण लिखिए – ग्राम पॉजिटिव जीवाणु ग्राम निगेटिव जीव...

कक्षा 10th अध्याय 2

प्रश्न 14.   उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है? दो उदाहरण दीजिए। (2019) उत्तर:  :  उदासीनीकरण: “अम्ल और क्षारक परस्पर अभिक्रिया करके एक – दूसरे को उदासीन कर देते हैं और लवण एवं जल का निर्माण करते हैं। यह प्रक्रिया उदासीनीकरण कहलाती है।” उदाहरण: प्रश्न 15.   धोने का सोडा एवं बेकिंग सोडा के दो – दो प्रमुख उपयोग बताइए। (2019) उत्तर :   धोने के सोडा के उपयोग: 1.इसका उपयोग काँच, साबुन एवं कागज उद्योगों में होता है। इसका उपयोग घरों में साफ – सफाई के लिए होता है। बेकिंग सोडा के उपयोग: 2. इसका प्रमुख उपयोग बेकरी में उपयोग आने वाले बेकिंग पाउडर बनाने में होता है। इसका उपयोग सोडा – अम्ल अग्निशामक में किया जाता है। प्रश्न 16. निम्नलिखित के रासायनिक सूत्र लिखिए – विरंजक चूर्ण। प्लास्टर ऑफ पेरिस। उत्तर: विरंजक चूर्ण: CaOCl2 प्लास्टर ऑफ पेरिस: CaSO4. 1/2 H2O प्रश्न 11. ताजे दूध का pH मान 6 होता है। दही बन जाने पर इसके pH के मान में क्या परिवर्तन होगा? अपना उत्तर समझाइए। उत्तर: दही बन जाने पर दूध का pH मान घट जाएगा, क्योंकि दही में अम्ल होता है जिससे दूध में हाइड्रोजन आयनों (H + ) ...

Class 11 इकाई 2

प्रश्न 1. द्विपद नाम पद्धति क्या है? आधुनिक वर्गीकरण के जनक का नाम बताइए। उत्तर : नामकरण की वह पद्धति जिसमें नाम का प्रथम पद वंश (genus) तथा द्वितीय पद जाति (species) को निर्दिष्ट करता है, द्विपद नाम पद्धति कहलाती है। आधुनिक वर्गीकरण अर्थात् द्विपद नाम पद्धति के जनक का नाम कैरोलस लीनियस है। प्रश्न 2. मोनेरा एवं प्रोटिस्टा का उदाहरण सहित एक प्रमुख लक्षण लिखिए। उत्तर : मोनेरा के जीवधारियों में केन्द्रक के स्थान पर कोशिका में केन्द्रकाभ पाया जाता है, जिसे वलयाकार डी०एन०ए० कहते हैं। उदाहरणार्थ :  जीवाणु, सायनोबैक्टीरिया, आर्किबैक्टीरिया इत्यादि।  प्रोटिस्टा के जीवधारियों में कोशिका का वास्तविक केन्द्रक पूर्ण विकसित होता है। उदाहरणार्थ - अमीबा, पैरामीशियम, यूग्लीना इत्यादि। प्रश्न 3. जगत प्रोटिस्टा के दो लक्षण तथा दो उदाहरण लिखिए। उत्तर : लक्षण : इसके अन्तर्गत सभी एककोशिकीय यूकैरियोटिक जीव आते हैं तथा ये प्रायः जलीय जीव होते हैं उदाहरण : अमीबा पैरामीशियम प्रश्न 4. कण्डुआ (smut) रोग उत्पन्न करने वाले एक फफूद (कवक) का नाम लिखिए। उत्तर : अस्टिलैगो (Ustilago) नामक परजीवी कवक की अनेक ज...

अध्याय 3 मानव जनन

प्रश्न.वृषण तथा अण्डाशय के बारे में प्रत्येक के दो-दो प्रमुख कार्यों का वर्णन कीजिए। उत्तर- वृषण के कार्य - शुक्राणुओं का निर्माण करना। वृषण में स्थित अन्तराली कोशिकाओं द्वारा नर हॉर्मोन (टेस्टोस्टेरॉन) उत्पन्न करना जिसके कारण नर में द्वितीयक लैंगिक लक्षणों का विकास होता है। अण्डाशय के कार्य- अण्डाणु का निर्माण करना। एस्ट्रोजन हॉर्मोन का स्त्रावण करना जो मादा में द्वितीयक लैंगिक लक्षणों के लिए उत्तरदायी है। प्रश्न 5. शुक्रजनक नलिका की संरचना का वर्णन कीजिए। उत्तर -  प्रत्येक वृषण पालिका के अंदर एक से लेकर तीन अतिकुंडलित शुक्रजनक नलिकाएँ (सेमिनिफेरस ट्यूबुल्स) होती है जिनमें शुक्राणु पैदा किए जाते हैं। प्रत्येक शुक्रजनक नलिका का भीतरी भाग दो प्रकार की कोशिकाओं से स्तरित होता है जिन्हें नर जर्म कोशिकाएँ (शुक्राणुजन/स्पर्मेटोगोनिया) और सर्टोली कोशिकाएँ कहते हैं । (चित्र (a) देखें)। र जर्म कोशिकाएँ अर्द्धसूत्री विभाजन (या अर्धसूत्रण) के फलस्वरूप शुक्राणुओं का निर्माण करती है जबकि सर्टोली कोशिकाएँ जर्म कोशिकाओं को पोषण प्रदान करती है। शुक्रजनक नलिकाओं के बाहरी क्षेत्र को अंतराली अवकाश ...

अध्याय 1 जीव जगत

चित्र
प्रश्न 1. वर्गीकरण विज्ञान का जनक किसे कहा जाता है? उत्तर: कैरोलस लिनीयस (1707 – 1778) को वर्गीकरण विज्ञान का जनक कहा जाता है। प्रश्न 2. स्वयंपोषी से क्या तात्पर्य है ? उत्तर: वे जीव, जो अपना भोजन स्वयं बनाते हैं, उन्हें स्वयंपोषी जीव कहते हैं। उदाहरण – समस्त हरे पौधे। प्रश्न 3. पाँच जगत वर्गीकरण के प्रणेता कौन हैं ? उत्तर: पाँच जगत वर्गीकरण के प्रणेता आर. एच. ह्विटैकर (1969) हैं। प्रश्न 4. जाति किसे कहते हैं ? उत्तर: मेयर (1942) के अनुसार, “आपस में संकरण करने वाले जीवों के समूह को जाति (Species) कहते हैं।” प्रश्न 5. वर्गीकरण की प्राकृतिक पद्धति क्या है ? उत्तर: वर्गीकरण वह पद्धति है, जिसमें गुणों के एक विस्तृत समूह को वर्गीकरण का आधार बनाया जाता है। प्रश्न 6. वर्गीकरण की कृत्रिम पद्धति क्या है ? उत्तर: वर्गीकरण की वह पद्धति जिसमें एक या कुछ गुणों को वर्गीकरण का आधार बनाया जाता है कृत्रिम पद्धति कहलाती है। यह वर्गीकरण की अप्राकृतिक पद्धति है। प्रश्न 7. लिनीयस द्वारा लिखित दो पुस्तकों तथा उनके दो योगदानों को लिखिए। उत्तर: लिनीयस द्वारा लिखित पुस्तकें – जेनेरा प्लाण्टेरम सिस्टेमा नैचुरी।...

निर्जला एकादशी व्रत 2023

निर्जला एकादशी 31 मई 2023 विशेष ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ एकादशी व्रत हिन्दुओ में सबसे अधिक प्रचलित व्रत माना जाता है। वर्ष में चौबीस एकादशियाँ आती हैं, किन्तु इन सब एकादशियों में ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी सबसे बढ़कर फल देने वाली समझी जाती है क्योंकि इस एक एकादशी का व्रत रखने से वर्ष भर की एकादशियों के व्रत का फल प्राप्त होता है। निर्जला-एकादशी का व्रत अत्यन्त संयम साध्य है। इस युग में यह व्रत सम्पूर्ण सुख भोग और अन्त में मोक्ष दायक कहा गया है। कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष दोनों पक्षों की एकादशी में अन्न खाना वर्जित है। निर्जला एकादशी का महत्त्व ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को निर्जला एकादशी का व्रत किया जाता है। निर्जला यानि यह व्रत बिना जल ग्रहण किए और उपवास रखकर किया जाता है। इसलिए यह व्रत कठिन तप और साधना के समान महत्त्व रखता है। हिन्दू पंचाग अनुसार वृषभ और मिथुन संक्रांति के बीच शुक्ल पक्ष की एकादशी निर्जला एकादशी कहलाती है। इस व्रत को भीमसेन एकादशी या पांडव एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक मान्यता है कि भोजन संयम न रखने वाले पाँच पाण्डवों में एक भीमस...

Salon - दाढी

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